मोराबादी (रांची) : रांची के मोराबादी स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम, दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा पुनर्वास महानिदेशालय, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (रक्षा मंत्रालय), भारत सरकार के तत्वावधान में 60 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण (छठा बैच) संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री प्रबोध चन्द्र, आई.जी., सी.आई.एस.एफ., पूर्वी सेक्टर जोन रांची, विशिष्ठ अतिथि श्री प्रवीण चन्द्र, डी.आई.जी., सी.आई.एस.एफ. रांची, सम्मानीय अतिथि श्री राकेश कुमार सिंह, सचिव, सिद्धकोफेड, रांची, आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानंद एवं अन्य स्वामीजी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर एवं स्वामीजी की वाणी पाठ से की गयी। अतिथियों का स्वागत दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र के जैविक उत्पाद अंगवस्त्र एवं स्वामीजी की पुस्तक भेंट देकर की गयी। यह प्रशिक्षण 27 जुलाई से 25 सितम्बर 2026 तक आयोजित की गयी जिसमें थल एवं वायु सेना के 44 सेवानिवृत सैनिकों ने भाग लिया।
अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. अजीत कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक, दिव्यायन के.वी.के., रांची ने सैनिकों को कृषि एवं सम्बन्ध क्षेत्रों में प्रशिक्षनोपरांत देश की सकल घरेलु उत्पाद को बढ़ाने में अहम् भूमिका होने की तकनिकी जानकारी दी। इन्होंने द्वितीयक कृषि के द्वारा कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन कर आत्मनिर्भर बनकर देश को विकसीत राष्ट्र बनाने की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण विचार दिया।
मुख्य अतिथि श्री प्रबोध चन्द्र ने दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा सैनिकों को कृषि एवं विभिन्न अन्य क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देकर सैनिकों को आत्मनिर्भर होने एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने की सराहना की।
विशिष्ठ अतिथि श्री प्रवीण चन्द्र ने सैनिकों को प्रशिक्षण के उपरान्त कृषि क्षेत्र में जमीन से जुड़कर समाज एवं देश के सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में असीम संभावनाओं पर दिव्यायन द्वारा इस प्रकार का प्रशिक्षण का आयोजन करने की सराहना की।
श्री राकेश कुमार सिंह ने मशरूम का व्यवसाय कम पूंजी में शुरू करने, कोआपरेटिव सोसाइटी के द्वारा सिद्धकोफेड से जुड़ने एवं मधुमक्खी पालन क्षेत्र में संस्थान में प्रशिक्षण होने, कृषि एवं वनोपज के क्षेत्र में काम करने सम्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
संस्थान के सचिव स्वामी भावेशानंद महाराज ने सैनिकों को प्रशिक्षण के बाद गाँव में एक प्रेरणास्रोत विकसीत कर आत्मनिर्भर बनने एवं स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत बनाने के लिए सन्देश दिया। उन्होंने भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सैनिकों की अहम् भूमिका पर भी प्रकाश डाला| सचिव महाराज ने बताया कि विद्यालयी, कारीगरी, नैतिक एवं मूल्यों पर आधारित शिक्षा द्वारा जीवन में सफल होने की जानकारी दी।
विषय सामान्यक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कृषि में स्थानीय संसाधन का उचित प्रबंधन, प्राकृतिक खेती के द्वारा कृषि में लागत को कम करने एवं समेकित प्राकृतिक कृषि माडल बनाने तथा देश की सेवा में अग्रसर होने का सन्देश दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ रबिन्द्र कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन स्वामी अंतरानंद महाराज न की। प्रशिक्षनार्थियों ने इस तरह की अभूतपूर्व प्रशिक्षण एवं आश्रम के प्रबंधन की काफी सराहना की। इस अवसर पर संस्थान के ई. ओ. पी. शर्मा, श्री ओ. पी. दूबे, श्री दीपक श्रीवास्तव एवं श्री गंभीर महतो आदि उपस्थित थे।



