रांची के मोराबादी स्थित रामकृष्ण मिशन आश्रम, दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र
द्वारा पुनर्वास महानिदेशालय, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (रक्षा मंत्रालय), भारत सरकार के तत्वावधान में 60 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ले. कर्नल राबिन देव आनंद; विशिष्ट अतिथि श्री अमित कुमार एवं आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानंद एवं अन्य स्वामीजी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर एवं स्वामीजी की वाणी पाठ से की गयी। यह प्रशिक्षण 27 अप्रैल से 26 जून 2026 तक आयोजित की गयी जिसमें जल, थल एवं वायु सेना के 22 सेवानिवृत सैनिकों ने भाग लिया।
समापन समारोह की शुरुआत अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, स्वामीजी की पुस्तकें एवं दिव्यायन उत्पाद मधु देकर की गयी। दिव्यायन कृषि विज्ञान के वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने दिव्यायन की समेकित कृषि प्रणाली एवं विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. भारत महतो ने मुख्य अतिथि से प्रशिक्षनार्थियों को पशुपालन क्षेत्र में (डेयरी, पोल्ट्री एवं गोटरी) में कॉरपोरेट सेक्टर द्वारा जाब फेयर लगाने एवं सैनिकों को प्रशिक्षण उपरान्त रोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ले. कर्नल राबिन देव आनंद ने इस प्रशिक्षण को पशुपालन क्षेत्र में सप्लाई-डिमांड चेन प्रबंधन में अपने को समायोजित करने, इन्फॉर्म एवं स्मार्ट निर्णय लेने एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि श्री अमित कुमार ने पोल्ट्री डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाओं पर महत्वपूर्ण तकनीकि जानकारी दी। इन्होंने देश में पोल्ट्री क्षेत्र में खपत का सिर्फ 70% उत्पादन होने एवं ब्रायलर, लेयर एवं देशी मुर्गी का व्यवसाय करने हेतु सैनिकों को आगे आने का आह्वान किया।
आश्रम के सचिव महाराज ने सैनिकों द्वारा देश की सेवा में जीवन का अधिकांश समय समर्पित करने एवं प्रशिक्षण के उपरान्त भी स्वामीजी की परिकल्पना को पूरा कर देश को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री संजय डिंडा ने किया। इस अवसर पर संस्थान के ई. ओ. पी. शर्मा, श्री गंभीर महतो एवं श्री अमर महतो आदि उपस्थित थे।





