दिनांक 30 अक्टूबर 2026 को दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोराबादी, रांची में सैनिकों के कौशल विकास के लिए 60 दिवसीय (26 अक्टूबर से 25 दिसम्बर 2026) प्रशिक्षण का शुभारम्भ किया गया।

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथि कर्नल एस.पी. गुप्ता (सेवा निवृत), उपनिदेशक, सैनिक कल्याण निदेशालय; तथा सभा की अध्यक्षता कर रहे स्वामी भवेशानंदजी महाराज, प्रशिक्षण समन्वयक स्वामी ईश्वारानंद महाराज एवं के.वी.के. वरीय वैज्ञानिक डॉ. अजीत कुमार सिंह के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गयी। अतिथियों का स्वागत सचिव महाराज के द्वारा दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र के जैव उत्पाद, अंगवस्त्र एवं स्वामीजी की पुस्तक भेंट देकर किया गया। पूर्व सैनिकों को कस्टम हायरिंग सेंटर (सी.एच.सी.) की स्थापना, बागवानी एवं नर्सरी प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती में व्यवहारिक प्रशिक्षण दी जाएगी।

अतिथियों को स्वागत करते हुए डॉ. अजीत कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक, दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र ने प्रशिक्षण में भाग ले रहे सैनिकों को कृषि एवं सम्बन्ध क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेकर अपने गाँव के लिए एक रोल मॉडल बनकर आत्मनिर्भर होने एवं देश की सेवा में आगे आने का आह्वान किया।

विषय समन्वयक ई. ओ. पी. शर्मा ने कृषि क्षेत्र में लागत को कम करने एवं कृषि कार्य को समय पर पूरा करने हेतु कस्टम हायरिंग सेंटर (सी.एच.सी.) की स्थापना के द्वारा कृषि मशीनीकरण को एक उद्यम के रूप में स्थापित कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। इन्होंने दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा रांची जिला में किये गए विभिन्न कृषि कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार पुरष्कृत होने की विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य अतिथि कर्नल एस. पी. गुप्ता ने सैनिकों को सेवानिवृत होने के बाद जिला सैनिक कल्याण विभाग में निबंधन करने, सरकार की सभी तरह की सरकारी अनुदान एवं आर्मी प्लेसमेंट विभाग में निबंधन करने की जानकारी दी।

संस्थान के सचिव स्वामी भवेशानंद महाराज ने सैनिकों को दिव्यायन में 60 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण लेकर स्वामीजी के आदर्शों के अनुरूप चलकर तथा उनके सपनों को पूरा करने के लिए भारत को विश्वगुरु बनने का आह्वान किया। सचिव महाराज ने बताया कि विद्यालयी, कारीगरी, नैतिक एवं मूल्यों पर आधारित शिक्षा द्वारा जीवन में सफल होने की जानकारी दी। इन्होंने देश की सेवा के लिए नाम, काम और दान की परिकल्पना को लेकर ईमानदारी से कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रशिक्षनार्थियों के बीच स्वामी विवेकानन्दजी की किताब “नया भारत गढ़ो”, मोटे अनाज से बने उत्पाद व जूट बैग का वितरण किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश कुमार सिंह, वैज्ञानिक पौध संरक्षण एवं धन्यवाद ज्ञापन आश्रम के  स्वामी ईश्वारानंद महाराज ने किया।

इस अवसर पर संस्थान के प्रशिक्षण सहायक श्री गंभीर महतो, श्री अनूप पाल एवं सेना के 39 प्रशिक्षनार्थी उपस्थित थे।