रांची, 29 जुलाई 2026। रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोराबादी, रांची के सभागार में आज गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर “गुरुपूर्णिमा सह भक्त सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “दैनिक जीवन में गुरु की उपयोगिता” रहा, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों, साधकों एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ पूजा एवं आरती से हुआ। इसके पश्चात आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में शांति मंत्र, गुरु वंदना, जप एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं श्रद्धा से ओत-प्रोत हो गया।

आश्रम के सह सचिव स्वामी अन्तरानंद जी महाराज ने श्रीरामकृष्ण देव के उपदेशों के आलोक में गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “गुरु वह है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए तथा आत्मज्ञान का मार्ग प्रशस्त करे।”

स्वामी इष्टाकामानंद जी महाराज ने शास्त्रों के संदर्भ में गुरु की उपयोगिता का विवेचन करते हुए आदर्श गुरु एवं योग्य शिष्य के गुणों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परम्परा भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संत मेही आश्रम, रांची के आचार्य स्वामी निर्मलानंद जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का सर्वोच्च स्थान है। उन्होंने कहा, “जिस प्रकार एक माली पौधों की छंटाई कर उन्हें सुंदर एवं विकसित बनाता है, उसी प्रकार गुरु भी शिष्य के दोषों एवं बुराइयों को दूर कर उसके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।”

अध्यक्षीय उद्बोधन में आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानंद जी महाराज ने वेद एवं वेदांत की महिमा का वर्णन करते हुए कार्यक्रम की विषय-वस्तु पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि परमात्मा ही समस्त सृष्टि के रचयिता हैं तथा एक सद्गुरु ही साधक को परमात्मा की प्राप्ति का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने सबों को भगवत नाम के साथ कर्म करने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा के कार्य के साथ साथ भगवत नाम स्वयं के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने के साथ साथ जगत का हित भी करता है, जिसे रामकृष्ण देव से शिव भाव से जीव सेवा कहा।

कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत एवं भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ स्वामी इष्टाकामानंद जी, स्वामी प्रभुनामानंद जी, स्वामी ईश्वरानंद जी एवं श्री श्यामल रॉय जी द्वारा प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर श्री दिलीप बनर्जी एवं श्री रेणु शंकर मिश्रा ने भी संगीत सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित भक्तों द्वारा पूछे गए विभिन्न आध्यात्मिक प्रश्नों का संतों द्वारा सारगर्भित एवं प्रेरणादायक उत्तर दिया गया। इस अवसर पर रामकृष्ण मिशन आश्रम के नए मंदिर निर्माण कार्य में सहयोग देनेवाले भक्तगणों को भी सम्मानित किया गए।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्री सुरेश नारायण झा एवं श्री प्रीतम बनिक ने संयुक्त रूप से किया।

इस आयोजन को सफल बनाने में माँ सारदा महिला समिति, विवेकानंद फोरम, विवेकानंद योगा वेलनेस सेंटर, आश्रम के भक्तगण एवं कर्मचारीगण का उल्लेखनीय योगदान रहा।

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