दिनांक 31 जुलाई 2026 को दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोराबादी, रांची में सैनिकों के कौशल विकास के लिए 60 दिवसीय (27 जुलाई से 25 सितम्बर 2026) प्रशिक्षण का शुभारम्भ किया गया|

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथि कर्नल एस.पी. गुप्ता (सेवा निवृत), उपनिदेशक, सैनिक कल्याण निदेशालय; श्री राजीव रंजन, भूतपूर्व महाअधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय तथा सभा की अध्यक्षता कर रहे स्वामी भवेशानंदजी महाराज एवं सहसचिव स्वामी अंतरानंदजी महाराज के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गयी| अतिथियों का स्वागत दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र के उत्पाद, अंगवस्त्र एवं स्वामीजी की पुस्तक भेंट देकर किया गया|

अतिथियों को स्वागत करते हुए डॉ. अजीत कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक, दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र ने सैनिकों को कृषि एवं सम्बन्ध क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेकर अपने गाँव के लिए एक रोल मॉडल बनकर आत्मनिर्भर होने एवं देश की सेवा में आगे आने का आह्वान किया| इन्होंने कृषि क्षेत्र में असीम संभावनाओं एवं दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा रांची जिला में किये गए विभिन्न कृषि कार्यों के लिए राष्ट्रिय स्तर पर तीन बार पुरष्कृत होने की विस्तृत जानकारी दी| डॉ. राजेश कुमार, विषय समन्वयक ने प्रशिक्षण की रूपरेखा (मशरूम उत्पादन, बायो इनपुट एवं मधुमक्खी पालन) के बारे में विस्तृत जानकारी दी|

मुख्य अतिथि श्री राजीव रंजन ने भारत में एम. एस. स्वामीनाथन के द्वारा देश में हरित क्रांति के माध्यम से खाद्द्यान्न में आत्मनिर्भर होने एवं दूध उत्पादन में ऑपरेशन फ्लड (श्वेत क्रांति) द्वारा कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए वैज्ञानिकों के अमूल्य योगदान की भरपूर सराहना की| इन्होंने सैनिकों को सेवानिवृत होने के बाद द्वितीय पारी में भी देश की सेवा में अग्रसर होने एवं स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया|

कर्नल एस. पी. गुप्ता ने सैनिकों को सेवानिवृत होने के बाद जिला सैनिक कल्याण विभाग में निबंधन करने, सरकार की सभी तरह की सरकारी अनुदान एवं आर्मी प्लेसमेंट विभाग में निबंधन करने की जानकारी दी|

संस्थान के सचिव स्वामी भवेशानंद महाराज ने सैनिकों को दिव्यायन में 60 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण देकर स्वामीजी के आदर्शों के अनुरूप चलकर तथा उनके सपनों को पूरा करने के लिए भारत को विश्वगुरु बनने का आह्वान किया| सचिव महाराज ने बताया कि विद्यालयी, कारीगरी, नैतिक एवं मूल्यों पर आधारित शिक्षा द्वारा जीवन में सफल होने की जानकारी दे |

कार्यक्रम में प्रशिक्षनार्थियों के बीच स्वामी विवेकानन्दजी की किताब “नया भारत गढ़ो”, मोटे अनाज से बने उत्पाद व जूट बैग का वितरण किया गया|

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह, वैज्ञानिक बागवानी एवं धन्यवाद ज्ञापन आश्रम के सहसचिव स्वामी अंतरानंद महाराज ने किया|

इस अवसर पर संस्थान के ई. ओ. पी. शर्मा, प्रशिक्षण सहायक श्री गंभीर महतो, श्री अनूप पाल, श्री राम उरांव एवं सेना के 44 प्रशिक्षनार्थी उपस्थित थे|