गुटीगड़ा, मुरहू (खूंटी), 16 जून 2026
रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोराबादी, राँची के दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र के तत्वावधान में गुटीगड़ा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर परिसर में 12 विवेकानंद सेवा संघों की आजीविका एवं ग्रामीण विकास बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार, कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श करना था।
बैठक में खूंटी की अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) महोदया, कार्यपालक दंडाधिकारी (Magistrate), खूंटी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), मुरहू, कृषि विज्ञान केंद्र, खूंटी के वैज्ञानिक डॉ. ओम प्रकाश कांटवा,वैज्ञानिक डॉ. किशोर गवाहाने, तथा रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोराबादी, राँची के सचिव स्वामी भवेशानन्द जी महाराज एवं स्वामी भक्तिशानन्द जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अपने संबोधन में स्वामी भावेशानन्द जी महाराज ने कहा कि ग्रामीण विकास का वास्तविक आधार शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता है। उन्होंने विवेकानंद सेवा संघों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की धारा पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वामी भक्तिशानन्द जी महाराज ने युवाओं और महिलाओं को संगठित कर स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
डॉ. ओम प्रकाश कांटवा ने किसानों की आय बढ़ाने हेतु उन्नत कृषि तकनीकों, पशुपालन, बागवानी तथा कृषि-आधारित उद्यमों की जानकारी दी। वहीं डॉ. किशोर गवाहाने ने वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा ग्रामीण उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
SDM महोदया ने ग्रामीणों एवं सेवा संघों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। BDO, मुरहू ने विभिन्न विकास योजनाओं, महिला समूहों एवं आजीविका कार्यक्रमों के बारे में जानकारी साझा की।
बैठक में 12 विवेकानंद सेवा संघों के प्रतिनिधियों, महिला समूहों, किसानों एवं ग्रामीण युवाओं ने सक्रिय भागीदारी की। प्रतिभागियों ने शिक्षा एवं संस्कार, महिला सशक्तिकरण, कृषि एवं पशुपालन विकास, रोजगार सृजन, पर्यावरण संरक्षण तथा ग्राम स्वावलंबन से संबंधित विषयों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित होकर आत्मनिर्भर, शिक्षित एवं समृद्ध ग्राम निर्माण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई तथा ग्रामीण विकास के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में उभरी।









