दिनांक 24 अप्रैल 2026 को दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, रामकृष्ण मिशन आश्रम, रांची एवं पुनर्वास महानिदेशालय, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग (रक्षा मंत्रालय), भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में 60 दिवसीय कृषि आधारित प्रशिक्षण का समापन हुआ। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से सेवानिवृत्त हो रहे जल, थल और वायु सेना के 42 सैनिकों के लिए पुनः रोजगार सृजन हेतु 23 फरवरी से 24 अप्रैल 2026 के मध्य आयोजित किया गया था।कृषि विज्ञान केंद्र रांची द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण तीन चरणों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रथम चरण में 20 दिवसीय प्रशिक्षण मधुमक्खी पालन, द्वितीय चरण में 20 दिवसीय प्रशिक्षण मशरूम उत्पादन विषय पर आधारित था जिसके विषय समन्वयक डॉ. राजेश कुमार थे एवं तृतीय चरण में 20 दिवसीय प्रशिक्षण प्राकृतिक खेती पर आधारित था जिसके विषय समन्वयक डॉ. मनोज कुमार सिंह थे। प्रशिक्षण के दौरान सभी सैनिकों को विभिन्न उद्यर्मों में दक्षता विकास के साथ-साथ व्यवसायीकरण और मानवीय मूल्य, योगाभ्यास एवं आध्यात्मिकता से भी जोड़ने का प्रयास किया गया।

आज के कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथि श्रीमती तदशा मिश्रा, पुलिस महानिदेशक, झारखण्ड सरकार, विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर निरंजन कुमार, सेवा निवृत, निदेशक, सैनिक कल्याण निदेशालय, झारखण्ड सरकार एवं सभा की अध्यक्षता कर रहे स्वामी भावेशानंद ,सचिव रामकृष्ण मिशन आश्रम ने मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्वलन कर की।

डॉ अजीत कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी प्रशिक्षणार्थियों को बधाई दी साथ हीं उन्हें के.वि.के. ‌द्वारा बताये हुए तकनीकियों का उपयोग कर स्वावलंबी बनने हेतु प्रेरित किया। डॉ राजेश कुमार ने मधुमक्खी पालन व मशरूम की खेती पर बल देते हुए उसके व्यवसायीकरण पर विशेष रूप से प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को इन उ‌द्यमों का चुनाव कर आय सृजन के लिए प्रेरित किया।

ब्रिगेडियर निरंजन कुमार ने अपने संभाषण में सेवा निवृत हो रहे सैनिकों को सामूहिक रूप से एवं बिजनेस मॉडल बनाकर स्टार्ट टप शुरू करने के लिए प्रेरणा दी । उन्होंने सभी सैनिकों को सैनिक कल्याण विभाग के विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी साथ ही पंजीकरण कराने को कहा।

श्रीमती तदशा मिश्रा ने अतिथिय संबोधन में आश्रम ‌द्वारा निःस्वार्थ भाव से किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को कृषि आधारित क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन समाज कल्याण के लिए प्रेरित की। उन्होंने अपने विभाग से सम्बंधित सहायता देने हेतु आश्वासन दिया।

स्वामी भावेशानंद जी ने अध्यक्षीय भाषण में सभी प्रशिक्षणार्थियों को कृषि आधारित उ‌द्यमों में आत्मनिर्भर बन अपने गाँव के युवकों के लिए आदर्श बनने के लिए प्रेरित किया, स्वामी विवेकानंद जी के वचनों का स्मरण करते हुए उनके उपदेश’बनो और बनाओ (Be and Make) को अपने जीवन में अनुसरण करने की बात कही।

स्वामी अंतरानंद, सह सचिव ने सभी को धन्यवाद देते हुए प्रतिभागियों को रामकृष्ण मिशन के मूल मंत्र “आत्मनो मोक्षार्थम जगत हिताय च” के द्वारा अपने मोक्ष के प्राप्ति हेतु दूसरों की सेवा पर जोर देने की बात कही ।

कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र के वितरण के साथ संपन्न हुआ. कार्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन डॉ. मनोज कुमार ने किया।