मुनगाडीह, प्रखण्ड अनगड़ा, जिला राँची में दिनांक 30 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को आयोजित क्षेत्रीय
श्रीरामकृष्ण किसान मेला (प्रसंग) — “प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन द्वारा आय सृजन” — अत्यंत उत्साह,
व्यापक सहभागिता एवं गरिमामयी वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह मेला किसानों के
लिए ज्ञान, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त मंच बनकर उभरा।
मेले का आयोजन रामकृष्ण मिशन आश्रम, दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र तथा रामकृष्ण मिशन
विवेकानन्द शैक्षणिक एवं शोध संस्थान, मोराबादी (राँची) के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन को
27 विवेकानन्द सेवा संघों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय ग्रामीणों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ।
मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि माननीय श्री अमित महतो, विधायक, सिल्ली विधानसभा क्षेत्र
(झारखण्ड) तथा स्वामी भवेशानंद महाराज, सचिव, रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा ठाकुर, माँ एवं स्वामी
जी की पूजा-अर्चना कर संयुक्त रूप से किया गया।
अपने संबोधन में विधायक श्री अमित महतो ने कहा कि गाँवों की उन्नति नैतिक एवं व्यवहारिक
शिक्षा के माध्यम से संभव है। उन्होंने रामकृष्ण मिशन द्वारा किए जा रहे सेवा एवं विकास कार्यों की
सराहना की। जैविक एवं प्राकृतिक खेती पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि अनगड़ा प्रखण्ड के जराडीह
निवासी प्रगतिशील किसान श्री संकरा बेदिया समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। साथ ही उन्होंने किसानों
से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर स्वामी भवेशानंद जी ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए इसके
पर्यावरणीय, आर्थिक एवं सामाजिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में स्वामी भक्तिशानंद, विशिष्ट अतिथि श्री अमृतेश कुमार सिंह (उप निदेशक, कृषि, झारखंड
सरकार), श्री अनूप कुमार (एग्री सुपर प्रा. लि.), श्रीमती दीपा उरांव (प्रखण्ड प्रमुख) सहित कृषि विज्ञान
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. मनोज कुमार सिंह एवं डॉ. सुदर्शन विश्वास उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त श्री अरुण भक्त, श्री विकास महतो, श्रीमती सुमित्रा देवी (सुरसू मुखिया), श्री भुनेश्वर
बेदिया (नवागढ़ मुखिया), श्रीमती संगीता देवी (पूर्व मुखिया, कुच्चू), मेला अध्यक्ष श्री मालिया बेदिया,
उपाध्यक्ष श्री नारायण बेदिया, सचिव श्री बुधराम बेदिया, कोषाध्यक्ष श्री लाल बेदिया सहित अनेक
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

अतिथियों ने किसानों से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा
आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं
संसाधनों के समुचित प्रबंधन से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
मेले में कुल 747 किसानों द्वारा उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिनमें 678 सब्ज़ी, फल एवं
पुष्प उत्पाद, 19 पशु-पक्षी आधारित तथा 50 लघु एवं कुटीर उद्योगों से संबंधित स्टॉल शामिल थे।
विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों, नवाचारों, स्वास्थ्य जाँच एवं सरकारी
योजनाओं की जानकारी दी गई। मेले में हजारों की संख्या में आगंतुकों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर आयोजित किसान गोष्ठी, किसान सभा एवं पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट
प्रदर्शन करने वाले 39 प्रथम, 39 द्वितीय एवं 4 सांत्वना पुरस्कार प्राप्त प्रगतिशील किसानों को
सम्मानित किया गया। साथ ही सफल कृषक श्री संकरा बेदिया को विधायक महोदय द्वारा विशेष
सम्मान प्रदान कर उन्हें किसानों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में प्रस्तुत किया गया।
ग्राम के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं छऊ नृत्य ने दर्शकों का मन मोह
लिया।
कुल मिलाकर, यह श्रीरामकृष्ण किसान मेला न केवल ज्ञानवर्धन एवं अनुभव साझा करने का मंच
बना, बल्कि किसानों को नई दिशा, प्रेरणा एवं आत्मविश्वास प्रदान करने वाला एक प्रभावशाली एवं
स्मरणीय आयोजन सिद्ध हुआ।