आज दिनांक 21 दिसम्बर 2025 को रामकृष्ण मिशन आश्रम के सभागार में आश्रम एवं इण्डियन योग एसोसिएशन, झारखंड के संयुक्त तत्वाधान में “विश्व ध्यान दिवस” मनाया गया। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम का मुख्य विषय “समग्र स्वास्थ्य एवं समृद्धि के लिए दैनिक जीवन में ध्यान का अभ्यास” रहा। स्वामी विवेकानंद द्वारा दिया गया स्वदेश मंत्र पाठ अनमोल कुमार के द्वारा एवं ध्यान पर आधारित वाणी पाठ योग प्रशिक्षक श्री अंजन कुमार के द्वारा किया गया। अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानन्द जी ने ध्यान की जरूरत के विषय में बताया एवं ध्यान का अभ्यास भी करवाया। उन्होंने कहा कि हमेशा मन में भगवान का नाम एवं हाथ से काम करना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन की कईं घटनाओं का जिक्र किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रांची के न्यूरो साइकैट्रिस्ट डॉ निशांत विभाष ने विज्ञान की दृष्टिकोण से ध्यान का शरीर एवं मन पर होने वाले प्रभाव की विस्तृत व्याख्या की । उन्होंने कहा कि ध्यान के निरंतर अभ्यास से ब्रेन के अमेगदला का हिस्सा छोटा हो जाता है, जो कि नकारात्मकता से जुड़ा हुआ है। ध्यान से ऑर्बिटो फ्रंटल कोर्टेक्स के न्यूरॉन की संख्या बढ़ जाती है, जो कि निर्णय लेने की क्षमता एवं अनुशासन से जुड़ा हुआ है। स्ट्रेस हार्मोन भी काबू में आती है। आश्रम के योग शिक्षक श्री प्रीतम बनिक ने ध्यान की जानकारी देते हुए “सेवन मिनट योगा ब्रेक” करवाया। मुख्य अतिथि के रूप मे महर्षि मेही आश्रम के आचार्य स्वामी निर्मलानंद जी ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आप सब ध्यान का निरन्तर अभ्यास कीजिए। प्रतिभागियों ने अपने ध्यान के अभ्यास के विषय को भी सबके साथ साझा किया। इण्डियन योग एसोसिएशन, झारखंड चैप्टर के सचिव श्री अमित कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। मंच का संचालन सुश्री श्रद्धा कीर्ति ने किया। इस कार्यक्रम में लगभग 175 प्रतिभागियों ने ध्यान के विषय में जानकारी लिया एवं ध्यान का सामूहिक अभ्यास किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आश्रम द्वारा संचालित “योग प्रशिक्षक प्रशिक्षण” के विद्यार्थियों ने अपना योगदान दिया।





