दिनांक 4 मई 2026 को दिव्यायन कृषि विज्ञान केंद्र, रामकृष्ण मिशन आश्रम, मोराबादी, रांची में सैनिकों के कौशल विकास के लिए 60 दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारम्भ किया गया| 

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथि श्रीमती दीपमाला घोष, सी.एम.डी., नाबार्ड व विशिष्ट अतिथि कर्नल एस.पी. गुप्ता (सेवा निवृत), उपनिदेशक, सैनिक कल्याण निदेशालय तथा सभा की अध्यक्षता कर रहे स्वामी भवेशानंदजी महाराज के द्वारा मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर के की|

डॉ. मनोज कुमार सिंह, वैज्ञानिक सस्य विज्ञान ने सभी का स्वागत किया| डॉ. भारत महतो वैज्ञानिक, पशुपालन ने पशुपालन में तकनीकियाँ जैसे पशुओं की उचित देखभाल, प्रबंधन व रोगों की रोकथाम कर पशुपालन द्वारा व्यवसायीकरण पर विशेष प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को पशुपालन द्वारा आय सृजन के लिए प्रेरित किया|

विशिष्ट अतिथि ने प्रशिक्षनार्थियों को सेवा निवृत्ति के बाद इस प्रशिक्षण प्राप्त जानकारी का सही उपयोग करने का लिए मार्गदर्शन किये|

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने अपने संभाषण में सेवा निवृत्त हो रहे प्रशिक्षनार्थियों को बताया की इस प्रशिक्षण द्वारा सीखे पशुओं के रोग प्रबंधन, चारा प्रबंधन इत्यादि को अच्छे से सीखकर और आसपास को सिखा सकतें हैं| इसके व्यवसायीकरण के लिए नाबार्ड से जुड़कर मदद प्राप्त कर सकतें हैं|

आश्रम के सचिव स्वामी भवेशानंदजी महाराज ने बताया की शिक्षा 3 प्रकार की होती है| विद्यालयी शिक्षा, कारीगरी शिक्षा व नैतिक शिक्षा जिससे जीवन की हर समस्या का समाधान हो सकता है| उन्होंने प्रशिक्षनार्थियों को बनो और बनाओ (Be and Make) के विचारधारा को अपराने के लिए प्रेरित किया| स्वामीजी ने शिक्षित, स्वावलंबी व संगठित होकर रहने के लिय्त प्रशिक्षार्थियों से अनुरोध किया|

कार्यक्रम में प्रशिक्षनार्थियों के बीच स्वामी विवेकानन्दजी की किताब “नया भारत गढ़ो”, मोटे अनाज से बने उत्पाद व जूट बैग का वितरण किया गया| 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रविन्द्र कुमार सिंह, वैज्ञानिक बागवानी ने किया|